मोहब्बत — एक लफ़्ज़ जो सुनने में नरम है, पर जीने में सबसे सख़्त। जब मोहब्बत एक तरफ़ा हो जाए, तो दिल का हाल सिर्फ़ शायरी ही बयान कर सकती है। This collection features 50 handpicked mohabbat shayari in Hindi — covering ek tarfa mohabbat, dard bhari mohabbat, and the quiet ache of loving someone who never knew. हर शायरी के साथ image card है जिसे आप WhatsApp status, Instagram story या Facebook post पर download और share कर सकते हैं। नीचे दिए गए हर card पर Download, WhatsApp, Share और Copy बटन हैं — अपनी पसंदीदा शायरी save करें।
मोहब्बत जब एक तरफ़ा होती है,
तब इश्क़ को जुनून बोलते हैं।
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सुकून की उम्मीद में निकलना है एक दफ़ा,
जहाँ तुम मिल जाओ, वहाँ बस थम जाना है।
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मुख़्लिस है हमारा प्यार, तुम्हारे दीदार के अलावा इसने कुछ और नहीं माँगा।
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तुमसे मोहब्बत करना मर्ज़ी थी हमारी,
और तुम्हारा इंतज़ार करना हमारी ग़लती।
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"आख़िरी बार" कहकर हर बार मुलाक़ात होती है अगर,
तो रिश्ते को ख़त्म कर देना इतना आसान नहीं है — समझ जाओ।
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कैसे मैं कहूँ तुमसे,
कि जा, भुला दिया तुझे।
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मोहब्बत उनसे करना हुनर था हमारा,
हुस्न की परी वो ख़ुद को समझ बैठी।
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अल्फ़ाज़ों के दायरे में मोहब्बत क़ैद रही हमारी,
हमें ग़लतफ़हमी में थे कि इश्क़ की ज़बान नहीं होती।
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दिल लगाते हम शिद्दत से हैं,
टूटा तो दुबारा मुड़कर नहीं देखते।
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जाँफ़िशानी हमने मोहब्बत के लिए की,
और हासिल हमें तन्हाई हुई।
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उनके दीदार को हम बैठे रहे,वो आए और अनजान समझकर चल दिए
— एक तरफ़ा मोहब्बत का यही तोहफ़ा है।
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किसी और की हमें ज़रूरत पड़ी ही नहीं,
मोहब्बत करने के लिए हम अकेले ही काफ़ी थे।
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मोहब्बत मुकम्मल करने के लिए न जिस्म की ज़रूरत है,न जान की
— सिर्फ़ एक रूह चाहिए और एक फ़ितूर।
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बेबाक मोहब्बत ऐसी हमारी — उसको क़बूल नहीं,
और उसका जाना हमको मंज़ूर नहीं।
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तन्हाई से कर लिया निकाह हमने,
हम बेकस सही, मोहब्बत तो सरकश है।
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मोहब्बत करो तो बेशर्मी से करो,
क्योंकि शर्मीला तो टैगोर भी थी।
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पुरानी जींस जैसी है ये मोहब्बत, फटी भी है,
पर उतारने का मन भी नहीं करता।
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अंजाम की ख़बर तो हमें भी थी,
पर बर्बाद भी हमें ही होना था।
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राह पे तो साथ में चले,
पर मंज़िल उनकी हमसे कई आगे थी।
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नग़मे वो हमें उल्फ़त के सुनाते रहे,
ज़रूरत उन्हें वफ़ा की तालीम की थी।
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जो हमको मोहब्बत लगी,
वक़्त ने बताया कि वो तो सिर्फ़ उनकी ज़रूरत थी।
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मोहब्बत ऐसी करो कि मिट जाओ,
जो बच जाओ तो लोग तरस खाते हैं।
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वो हमारे न हुए, न सही —
कम से कम उनका दिया धोखा तो अपना है।
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रोज़ उसकी गली से गुज़रने की आदत है,
न मिलना मंज़ूर है, न भूलना मुमकिन।
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लब पे आई बात हज़ारों दफ़ा,
थम गई हर बार सोचकर — "क्या फ़ायदा?"
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दुनिया बोले कि एक तरफ़ा मोहब्बत नहीं,
दीवानगी है, पर ये बात दीवाने को कोई समझाए कैसे।
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मोहब्बत हमारी एक समय पर गुलिस्तान थी,
उसकी नुमाइश की तपिश में जलकर बंजर हो गई।
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लिख डाली उसके नाम एक उम्र भर की दास्तान,
उसने पढ़ी और बोली — "लिखते अच्छा हो।"
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वो मुस्कुराए किसी और के लिए,
हम तो बस उनकी मुस्कुराहट देखकर ही ख़ुश हो लिए।
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हमें उनकी हर बात याद है,
और उन्हें हमारा नाम भी नहीं।
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एक दिन वो आएँगे, हमारे हो जाएँगे —
इसी भ्रम के सहारे ज़िंदगी निकालनी है अभी।
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हम उसकी हर ख़्वाहिश अपनी समझकर पूरी करते रहे,
वो "थैंक यू" बोलकर हिसाब बराबर कर दिए।
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उन्हें हमसे मोहब्बत नहीं थी, ये सच था —
पर उनकी बेरुख़ी से भी हम मोहब्बत करते रहे।
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एक तरफ़ा था सब कुछ — मोहब्बत, इंतज़ार, दर्द, दुआ,
बस एक चीज़ दोनों तरफ़ से बराबर थी — वो बेख़बर रहे, हम बेबस।
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उसकी चुप्पी को हमने मंज़ूर समझा,
उसने जब मुँह खोला तो सिर्फ़ नफ़रत ही उगला।
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तोहफ़े भेजता रहा उसके नाम के,
वो सोचती रही — "उसका आशिक़ ये कौन-सा है?"
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जंग तो हम उसकी ख़ातिर लड़ रहे थे,
वो समझे हम उनसे ही लड़ रहे हैं।
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उनको पार कराने हमने इश्क़ का पुल बनाया,
उन्होंने पार किया और पीछे मुड़कर भी नहीं देखा।
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बेफ़िक्र इस जहाँ से इतने हुए कि,
गुज़रे हुए वक़्त को भी हँसकर मिला करते हैं।
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प्यार अगर हासिल होता,
तो हर टूटा दिल आज शायर न होता।
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इंतज़ार पर ऐतबार कर देख चुके हम,
तेरी मौजूदगी का झूठ सबसे बुरा है।
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ख़ुदा ने अगर तय कर लिया है,
तो इस सौदे में तेरी ज़रूरत नहीं है।
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जिस दिन हुई थी तलब तेरे दीदार की,
उस दिन समझ आया कि मोहब्बत तुझसे हुई है।
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हम उसकी यादों में घर बसाए बैठे हैं,
उसने हमारी यादों को मिट्टी में मिला दिया।
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हमने उसके इंतज़ार में उम्र गँवा दी,
उसने हमारा वक़्त बेहिसाब समझकर उधार लिया।
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उनसे बिछड़ने का ग़म नहीं,
ग़म ये है कि वो बिछड़े और मुस्कुराते गए।
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एक तरफ़ा मोहब्बत की यही सज़ा है,
तुम जलते रो दुसरे को गर्मी देने के लिए।
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निभाने के लिए हदें पार की जाती हैं,
कोई न माने तो वो सब सिर्फ़ बहाने हैं।
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हम, हमारा इश्क़ और तुम्हारी यादें — इनके सहारे उम्र काट लेंगे।
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जल्दी से जो हो जाए वो लगाव है,
सच्ची मोहब्बत न आसानी से आती है, न जाती है।
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